प्राप्ति और भुगतान का परिभाषा ( DEFINITION RECIEPTS AND PAYMENTS ACCOUNTS)
विलियम पिकिल्स के अनुसार
प्राप्ति एवं भुगतान खाता एक अवधि के रोकड़ बही के मद नगद एवं बैंक लें देनो के सार मात्र से कुछ भी अधिक नहीं है जो की उपयुक्त शीर्षकों में विश्लेषित एक वर्गीकृत है यह खाते का ऐसा प्रारूप है जिसका प्रयोग अधिकांस समितियों ,कल्बो ,संघो.आदि के कोषाध्यक्ष द्वारा वर्ष के कार्य संचालन के परिणामो को प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है
प्राप्ति और भुगतान का परिभाषा
प्राप्ति एवं भुगतान खाता एक रोकड़ पद्धति पर तैयार किया जाता है अतः प्राप्ति एवं भुगतान खता विभिन प्राप्तियो एवं भुगतान खाता विभिन प्राप्तियो एवं भुगतानों को चाहे वो चालू अवधि से सम्बंधित हो या पूर्व अवधि या आगामी अवधि से सम्बंधित हो सारांश के रूप में प्रस्तुत करता है इसी प्रकार इसमें पूंजीगत तथा आयगत सभी नगद लेन-देनो को प्रदर्शित किया जाता है इस खाते के बाएं भाग में प्राप्तियो जबकि दाये भाग में भुगतान को प्रदर्शित किया जाता है
- यह खाता प्रारंभिक रोकड़ शेस एवं बैंक शेस डेबिट भाग से प्रारंभ होता है
- जबकि अंतिम रोकड़ शेस CREDIT भाग से बंद होता है
- बैंक अधिवर्ष की दशा में बैंक के प्रारंभिक तथा अंतिम शेष विपरीत पक्ष में लिखे जायेंगे |मोटे तौर रोकड़ बही तथा प्राप्ति एवं भुगतान खाता में समानता होती है पर दोनों में कुछ अंतर भी है
- बैंक अधिवर्ष की दशा में बैंक के प्रारंभिक तथा अंतिम शेष विपरीत पक्ष में लिखे जायेंगे |मोटे तौर रोकड़ बही तथा प्राप्ति एवं भुगतान खाता में समानता होती है पर दोनों में कुछ अंतर भी है
- प्राप्ति एवं भुगतान खाता एक संपति खाता या वास्तविक खाता है
